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सुबह उठते ही कंधा जाम हो गया? जानिए frozen shoulder के कारण और इलाज

09 Oct, 2026
सुबह उठते ही कंधा जाम हो गया? जानिए frozen shoulder के कारण और इलाज

नमस्कार! मैं Dr. Rajiv Gupta, Suvira Hospital, Mansarovar, Jaipur में Director & Chief Consultant, Orthopaedics। Shoulder pain एक बहुत common problem है, लेकिन अक्सर neglected रह जाती है। कुछ दिन पहले मेरी OPD में एक patient आए। उन्होंने कहा, "डॉक्टर साहब, रात को आराम से सोया था, सुबह उठा तो कंधा अचानक जाम हो गया। हाथ हिल ही नहीं रहा।" ऐसे patients मुझे अक्सर मिलते हैं और ज़्यादातर मामलों में इसकी वजह frozen shoulder होती है।

कई लोग इसे मामूली थकान, गलत तरीके से सोने या गर्दन की problem समझकर हफ़्तों टालते रहते हैं। नतीजा यह होता है कि दर्द बढ़ता जाता है और कंधे का movement धीरे-धीरे और कम हो जाता है। इसलिए इस blog में मैं आपको आसान भाषा में बताऊँगा कि frozen shoulder क्या है, यह अचानक क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और frozen shoulder treatment में कौन-कौन से options होते हैं। साथ ही यह भी समझाऊँगा कि कब सिर्फ़ कंधे की नहीं, बल्कि दिल की जाँच भी ज़रूरी हो जाती है।

Frozen Shoulder क्या है?

Medical language में इसे adhesive capsulitis कहते हैं। इसमें shoulder capsule में inflammation हो जाता है। शुरुआत में एक-दो महीने तक कंधे में काफ़ी दर्द रहता है। फिर धीरे-धीरे movement कम होने लगता है और कंधा जाम होने लगता है।

रात को सोने के बाद अचानक दर्द क्यों होता है?

Patient को लगता है कि सब कुछ अचानक हुआ, पर असल में inflammation शरीर के अंदर पहले से शुरू हो चुका होता है। कई बार यह बिना किसी reason के हो जाता है और कई बार हल्का सा झटका लगने पर भी। Uncontrolled diabetes वाले कई patients सोते हैं और सुबह उठकर देखते हैं कि कंधे में दर्द शुरू हो गया है।

किन लोगों को ज़्यादा risk होता है?

  • जिन्हें diabetes है, खासकर जब sugar control में न हो
  • जिन्हें thyroid की problem है
  • 40 साल के बाद की महिलाएँ, जिनमें यह काफ़ी common है

कई बार यह इन सबके बिना भी हो सकता है।

Frozen Shoulder के लक्षण

  • कंधे में diffuse दर्द, यानी दर्द किसी एक exact जगह पर नहीं होता
  • धीरे-धीरे shoulder movement का कम होना
  • बाल बनाने में, पीछे हाथ ले जाने में या पीठ खुजाने में दिक्कत
  • रात में दर्द बढ़ना और नींद का disturb होना

अगर right hand वाला कंधा प्रभावित है, तो रोज़ के छोटे-छोटे काम भी बहुत troublesome हो जाते हैं।

गर्दन का दर्द समझने की गलती

कई बार हम मान लेते हैं कि कंधे का दर्द गर्दन की वजह से हो रहा है और असली problem miss हो जाती है। इसलिए सही diagnosis बहुत ज़रूरी है। Suvira Hospital में digital X-ray और MRI जैसी जाँचें हॉस्पिटल के अंदर ही उपलब्ध हैं, जिससे कंधे की problem को सही तरह से समझकर treatment plan बनाया जा सकता है।

हर कंधे का दर्द frozen shoulder नहीं होता

यह बात मैं अपने patients को हमेशा समझाता हूँ। अगर कंधे या बाँह के दर्द के साथ chest में दर्द, भारीपन, सांस फूलना, पसीना आना या बहुत ज़्यादा थकान हो, तो यह heart की problem का संकेत भी हो सकता है। Diabetes वाले patients को heart disease का risk भी ज़्यादा होता है। इसलिए ऐसे लक्षणों में सिर्फ़ shoulder का इलाज करके न रुकें, एक बार Heart Health Checkup भी ज़रूर करवाएँ।

Frozen shoulder treatment कैसे होता है?

अगर initial stage में ही treatment शुरू कर दिया जाए, तो इसे जल्दी control किया जा सकता है। वरना आमतौर पर इसे ठीक होने में चार-पाँच महीने लगते हैं। कुछ patients में पूरा movement वापस आने में 9 महीने से एक साल तक लग जाता है। Treatment के मुख्य steps ये हैं:

1. Underlying problem को control करना: अगर patient को diabetes है तो sugar control में रखना ज़रूरी है। Thyroid की problem है तो दवाई proper तरीके से लेनी चाहिए।

2. Medicines: समय पर anti-inflammatory analgesics लेने से shoulder capsule का inflammation कम होता है। इससे दर्द भी कम होता है और movement भी ज़्यादा restrict नहीं होता।

3. Injection: कई बार medicines proper तरीके से काम नहीं कर पातीं और patient को रात में बहुत दर्द होता है। मेरे कई बुज़ुर्ग patients को painkillers लेने में भी दिक्कत होती है। ऐसे cases में हम shoulder में injection लगा देते हैं, जिससे inflammation जल्दी settle down हो जाता है।

4. Physiotherapy: Proper physio के बिना पूरा movement वापस पाना मुश्किल है। यह treatment का बहुत ज़रूरी हिस्सा है।

5. Endoscopic arthroscopy: रेयर cases में, जब movement बहुत ज़्यादा restricted हो और patient बहुत परेशान हो, तब हम shoulder arthroscopy की मदद से एक छोटे से operation में tight tissue को release कर देते हैं।

अच्छी बात यह है कि करीब 90% patients सही समय पर इलाज, proper intervention और physiotherapy से कुछ ही महीनों में ठीक हो जाते हैं।

Suvira Hospital में क्यों आएँ?

अगर आप Jaipur में Best Orthopedic hospital की तलाश में हैं, तो Suvira Hospital आपके लिए एक भरोसेमंद विकल्प है। यह Mansarovar में स्थित 150-bed NABH-class multi-speciality hospital है। यहाँ Orthopedics के साथ Internal Medicine department भी है, जहाँ diabetes और thyroid का management होता है। Frozen shoulder के patients के लिए यह combination बहुत काम आता है, क्योंकि underlying कारण का इलाज भी साथ-साथ हो जाता है।

इन बातों का ध्यान रखें

  • कंधे का दर्द दो-तीन हफ़्ते से ज़्यादा चले तो खुद से दर्द की दवा लेते रहने के बजाय doctor को दिखाएँ
  • Diabetes और thyroid को control में रखें
  • Movement कम होने का इंतज़ार न करें, early stage में ही consult करें
  • Chest pain या सांस की तकलीफ़ के साथ shoulder pain हो तो तुरंत heart की जाँच कराएँ
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